4 मई 2026 का दिन भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक और 'सुपर मंडे' के रूप में दर्ज हो गया है। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के शुरुआती रुझानों ने दलाल स्ट्रीट पर उत्साह का संचार कर दिया। जैसे ही पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत बढ़त के संकेत मिले, बाजार ने रॉकेट की रफ्तार पकड़ ली। सेंसेक्स (Sensex) महज आधे घंटे के भीतर 900 अंकों से ज्यादा की छलांग लगाकर निवेशकों को मालामाल कर दिया।
बाजार की इस तेजी ने न केवल प्रमुख सूचकांकों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, बल्कि सेक्टोरल इंडेक्स में भी चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी 50 ने भी मजबूती दिखाते हुए 24,190 के स्तर को पार किया। इस रैली का सबसे बड़ा कारण राजनीतिक स्थिरता और सुधारों की निरंतरता की उम्मीद को माना जा रहा है। विशेष रूप से बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर के शेयरों में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया, जिससे बाजार का सेंटीमेंट पूरी तरह से 'बुलिश' बना रहा।
निफ्टी बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज में आई तेजी यह दर्शाती है कि अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे को लेकर निवेशक काफी आश्वस्त हैं। ऑटो सेक्टर में 2% से अधिक की बढ़त ने बाजार को अतिरिक्त सहारा दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे नतीजों की तस्वीर और साफ होगी, बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल, शुरुआती रुझानों ने यह साफ कर दिया है कि बाजार को चुनावी नतीजों से मिलने वाले संकेत काफी पसंद आ रहे हैं, जिससे बाजार पूंजीकरण (Market Cap) में भी भारी इजाफा हुआ है।