मुंबई, 27 अप्रैल, (न्यूज़ हेल्पलाइन) प्रोटीन मांसपेशियों की मरम्मत, वजन प्रबंधन और शरीर के महत्वपूर्ण कार्यों के लिए बेहद जरूरी है। अक्सर लोग अपने दैनिक प्रोटीन लक्ष्यों को पूरा करने को लेकर चिंतित रहते हैं। हालांकि, एथलीट सोनाली सिंह के अनुसार, सही भारतीय भोजन का चुनाव करके रोजाना 80 ग्राम प्रोटीन प्राप्त करना मुश्किल नहीं है।
80 ग्राम प्रोटीन के लिए आसान डाइट प्लान
सुबह का नाश्ता (20-25 ग्राम प्रोटीन):
दूध या दही के साथ ओट्स लें। इसमें शहद, चिया सीड्स और नट्स (मेवे) मिलाएं।
दोपहर का भोजन (25-35 ग्राम प्रोटीन):
- शाकाहारी: 100 ग्राम पनीर, 150 ग्राम दाल या चना, हरी सब्जियां, चावल और दही।
- मांसाहारी: 120 से 150 ग्राम चिकन शामिल करें, जिससे आसानी से 35 ग्राम तक प्रोटीन मिल जाता है।
शाम का स्नैक (20 ग्राम प्रोटीन):
इस समय एक प्रोटीन शेक या कोई प्राकृतिक प्रोटीन युक्त डेज़र्ट लेना एक अच्छा विकल्प है।
रात का खाना:
खापली आटा (Khapli atta) की रोटी, दाल, पनीर की सब्जी और दही। विशेषज्ञों का कहना है कि खापली आटे में ग्लूटेन कम और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जो रात के भोजन के लिए बेहतरीन है।
विशेषज्ञों की सलाह:
उजाला सिग्नस ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स की डायटीशियन एकता सिंघवाल का कहना है कि प्रोटीन की आवश्यकता शरीर के वजन के अनुसार होती है (0.8 से 1.2 ग्राम प्रति किलो वजन)। उन्होंने सलाह दी कि प्रोटीन को एक ही समय में लेने के बजाय पूरे दिन के भोजन में बांटकर लेना चाहिए, जिससे पाचन बेहतर होता है और शरीर प्रोटीन का सही उपयोग कर पाता है।
सावधानी:
बेंगलुरु के आत्रेय अस्पताल की सीनियर न्यूट्रिशनिस्ट अक्षिता रेड्डी ने चेतावनी दी है कि यदि आपको पहले से किडनी संबंधी कोई समस्या है, तो अत्यधिक प्रोटीन का सेवन किडनी पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, उच्च प्रोटीन आहार कैल्शियम के उत्सर्जन को बढ़ा सकता है, इसलिए कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा लेना न भूलें।
प्रोटीन के लिए केवल मांस या अंडे पर निर्भर न रहें। दाल, पनीर, टोफू, और क्विनोआ जैसे पौधे-आधारित (Plant-based) स्रोत भी उतने ही प्रभावी होते हैं। अपनी विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार सही प्रोटीन लक्ष्य निर्धारित करने के लिए हमेशा किसी डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।