इजरायल और लेबनान के बीच 16 अप्रैल से लागू हुए 10 दिवसीय संघर्षविराम के बावजूद सीमा पर तनाव कम होने के बजाय एक नई रणनीतिक शक्ल ले रहा है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने पहली बार एक आधिकारिक नक्शा जारी किया है, जिसे 'फॉरवर्ड डिफेंस लाइन' (Yellow Line) नाम दिया गया है। यह नक्शा स्पष्ट करता है कि इजरायल ने दक्षिण लेबनान के एक बड़े हिस्से को अपने सैन्य नियंत्रण में ले लिया है और वहां एक स्थायी 'बफर जोन' बनाने की तैयारी कर ली है।
5-10 किलोमीटर गहरा सैन्य गलियारा
आईडीएफ द्वारा जारी नक्शे के अनुसार, यह नई घेराबंदी लाइन लेबनानी सीमा के अंदर 5 से 10 किलोमीटर तक गहराई में जाती है। इस दायरे में लेबनान के दर्जनों गांव आ गए हैं, जिन्हें इजरायली सेना ने सुरक्षा कारणों से पूरी तरह खाली करा दिया है। नक्शे में दिखाई गई तैनाती पूर्व में माउंट हरमन से लेकर पश्चिम में भूमध्य सागर तक फैली हुई है। इस 'बफर जोन' में इजरायल की पांच सैन्य डिवीजन और नौसैनिक बल सक्रिय हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य हिज्बुल्लाह के बुनियादी ढांचे को जड़ से खत्म करना है।
गांवों का ध्वस्तीकरण और 'गाजा मॉडल'
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने संकेत दिया है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लेबनानी गांवों को मलबे में तब्दील किया जा रहा है ताकि भविष्य में हिज्बुल्लाह को वहां छिपने या हमले करने की जगह न मिले। आलोचकों का कहना है कि इजरायल अब लेबनान में भी वही 'गाजा मॉडल' अपना रहा है, जहां सुरक्षा के नाम पर एक निर्जन गलियारा बनाया गया है। बिंत जबील और खियाम जैसे महत्वपूर्ण शहरों के उत्तर तक इजरायली सेना की पहुंच हो गई है।
10-दिवसीय सीजफायर की अनिश्चितता
अमेरिका द्वारा मध्यस्थता किया गया यह 10-दिवसीय संघर्षविराम 17 अप्रैल से प्रभावी हुआ था, जिसका उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच चल रही व्यापक शांति वार्ता के लिए रास्ता साफ करना था। हालांकि, इजरायल का कहना है कि वह सीजफायर के दौरान अपनी सेना को पीछे नहीं हटाएगा। जब तक उत्तरी इजरायल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक 'येलो लाइन' पर सेना का कब्जा बरकरार रहेगा। लेबनान सरकार ने इजरायल के इस नक्शे और कब्जे को अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।