thought अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सेहत को लेकर हालिया दिनों में काफी अटकलें लगाई जा रही थीं। 79 साल की उम्र में ट्रंप अमेरिका के इतिहास के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपतियों में से एक हैं, जिसके कारण उनके शरीर पर दिखने वाले छोटे-छोटे निशानों को भी गंभीरता से लिया जा रहा है। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने इन सभी चिंताओं पर विस्तार से अपनी सफाई दी है।
हाथों पर नीले निशान (ब्रूज) का असली कारण
डोनाल्ड ट्रंप के हाथों पर अक्सर नीले रंग के निशान (Bruises) देखे गए, जिन्हें लेकर सोशल मीडिया और मीडिया घरानों में कयास लगाए जा रहे थे कि शायद वह किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं या गिर गए हैं। इस पर ट्रंप ने दो प्रमुख स्पष्टीकरण दिए:
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एस्पिरिन दवा का प्रभाव: ट्रंप ने बताया कि वह हृदय स्वास्थ्य के लिए रोजाना खून पतला करने वाली दवा (Aspirin) लेते हैं। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, खून पतला करने वाली दवाओं के सेवन से त्वचा के नीचे मामूली चोट लगने पर भी गहरे नीले निशान पड़ जाते हैं।
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हाई-फाइव की घटना: उन्होंने एक विशिष्ट निशान का जिक्र करते हुए कहा कि अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी के साथ हाई-फाइव (High-five) करते समय उनकी अंगूठी ट्रंप के हाथ के पीछे लग गई थी, जिससे वह निशान पड़ गया।
सार्वजनिक रूप से "सोने" के दावों पर सफाई
ट्रंप के कई वीडियो वायरल हुए थे जिनमें वह ओवल ऑफिस या सभाओं के दौरान अपनी आँखें बंद किए नजर आए। इस पर उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की:
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आराम के पल: ट्रंप ने कहा कि वह कभी भी "ज्यादा सोने वाले व्यक्ति" नहीं रहे हैं। जब वह आँखें बंद करते हैं, तो वह उनके लिए ध्यान या आराम का एक पल होता है, जिसे कैमरे गलत तरीके से पकड़ लेते हैं।
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पलक झपकना: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि फोटोग्राफर अक्सर उनकी तब तस्वीर खींच लेते हैं जब वह पलक झपक रहे होते हैं, और इसे "सोना" बता दिया जाता है।
स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य चिंताएं
अपनी फिटनेस साबित करने के लिए ट्रंप ने अन्य शारीरिक समस्याओं पर भी बात की:
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सीटी स्कैन (CT Scan): अक्टूबर में एमआरआई (MRI) की खबरों पर उन्होंने कहा कि वह केवल एक सामान्य सीटी स्कैन था, जो त्वरित जांच का हिस्सा था।
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सुनने की क्षमता: उन्होंने इन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया कि उन्हें सुनने में कोई परेशानी है।
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टखनों में सूजन: टखनों में सूजन की मीडिया रिपोर्ट्स पर उन्होंने नाराजगी जताई और अपनी सेहत को 'परफेक्ट' बताया।
ट्रंप बनाम बाइडन: उम्र का मुद्दा
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान जो बाइडन को "स्लीपी जो" (Sleepy Joe) कहकर उनकी उम्र और थकान का मजाक उड़ाया था। अब जब वह खुद 79 साल के हैं और उन्हीं चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, तो उनकी टिप्पणियों को उन्हीं के खिलाफ तूल दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों की राय: 80 साल के करीब पहुँचने पर शरीर में प्राकृतिक रूप से थकान और रिकवरी में देरी जैसे लक्षण दिखना सामान्य है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति जैसे दुनिया के सबसे ताकतवर पद पर बैठे व्यक्ति के लिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता का विषय बन जाता है।